Human rights and opposition groups say the vote will be neither free nor fair and that power is likely to remain in the hands of military leader Senior General Min Aung Hlaing.
दुनिया
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Moneycontrol26-12-2025, 09:51

म्यांमार में चुनाव: सैन्य शासन पर उठे सवाल, लोकतंत्र की वापसी पर संदेह.

  • म्यांमार में पांच साल बाद पहला आम चुनाव रविवार से शुरू, मानवाधिकार और विपक्षी समूहों की कड़ी आलोचना.
  • आलोचकों का कहना है कि यह चुनाव 2021 के सैन्य तख्तापलट को वैध बनाने का एक दिखावा है, न कि लोकतंत्र बहाल करने या गृहयुद्ध समाप्त करने का.
  • आंग सान सू की और उनकी पार्टी भाग नहीं ले रही हैं; कई दल बहिष्कार कर रहे हैं, और विपक्षी समूह मतदाताओं से दूर रहने का आग्रह कर रहे हैं.
  • सैन्य-समर्थित यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी के हावी होने की उम्मीद है, जिससे सीनियर जनरल मिन आंग हलिंग की सत्ता मजबूत होगी.
  • चुनाव तीव्र हिंसा, दमन, 22,000 से अधिक राजनीतिक कैदियों और गंभीर मानवीय संकट के बीच हो रहा है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: म्यांमार का चुनाव सैन्य शासन को वैध बनाने का एक प्रयास माना जा रहा है, न कि लोकतांत्रिक बदलाव का.

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