CDS अनिल चौहान: 'बंदूकें और मक्खन' एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं, जानिए कैसे

भारत
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Moneycontrol•10-01-2026, 01:53
CDS अनिल चौहान: 'बंदूकें और मक्खन' एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं, जानिए कैसे
- •CDS जनरल अनिल चौहान ने कहा कि रक्षा व्यय राष्ट्रीय राजस्व, रोजगार और औद्योगीकरण में योगदान कर सकता है, जिससे 'बंदूकें और मक्खन' की बहस सुलझ सकती है.
- •घरेलू रक्षा खरीद पर 18% GST लगता है, जिससे राजस्व और रोजगार पैदा होता है, यह एक रणनीतिक बदलाव है.
- •8% GDP वृद्धि और कम मुद्रास्फीति से आधुनिकीकरण योजनाओं को समर्थन मिलने की उम्मीद है, जिसमें सालाना 10% बजट वृद्धि होगी.
- •जनरल चौहान ने 'सैन्य मामलों में तीसरी क्रांति' पर प्रकाश डाला, जो अभिसरण, बुद्धिमान और डेटा-केंद्रित युद्ध पर केंद्रित है.
- •CDS ने चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के स्थायी अध्यक्ष के रूप में और उभरते युद्ध क्षेत्रों (अंतरिक्ष, साइबर, संज्ञानात्मक, विद्युत चुम्बकीय) में अपनी परिचालन भूमिका स्पष्ट की, न कि सीधे सैन्य कमान के माध्यम से.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: CDS चौहान ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट रक्षा खरीद की वकालत की, घरेलू सोर्सिंग और युद्ध रणनीतियों के विकास पर जोर दिया.
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