भारतीय श्रमिक रूस की श्रम कमी को पूरा कर रहे हैं, वेतन में भारी वृद्धि.

भारत
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Moneycontrol•29-12-2025, 08:37
भारतीय श्रमिक रूस की श्रम कमी को पूरा कर रहे हैं, वेतन में भारी वृद्धि.
- •रूस युद्ध और घटती आबादी के कारण गंभीर श्रम कमी का सामना कर रहा है, जिसके लिए वह भारत से कुशल और अकुशल श्रमिकों को आकर्षित कर रहा है.
- •रूसी कंपनियों द्वारा भारतीय ब्लू-कॉलर श्रमिकों की भर्ती चार वर्षों में 60% बढ़ी है, जिसमें वेल्डर, बढ़ई आदि की मांग है.
- •भारत और रूस ने श्रम गतिशीलता को मजबूत किया है, जिसे भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने द्विपक्षीय संबंधों का "केंद्रबिंदु" बताया.
- •भारतीय श्रमिकों को न्यूनतम 50,000 रुपये मासिक वेतन, भोजन और आवास मिलता है, जो घरेलू मजदूरी से काफी अधिक है.
- •यह प्रवृत्ति खाड़ी देशों में पिछली सदी के उछाल के समान है, जो भू-राजनीतिक बदलावों से प्रेरित है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारतीय ब्लू-कॉलर श्रमिक रूस की बढ़ती श्रम आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं, जो आर्थिक लाभ और भू-राजनीतिक बदलावों से प्रेरित है.
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