
भारत की रूसी तेल पर निर्भरता काफी बढ़ गई है, जिसमें 2022 से पहले के 2% से बढ़कर उच्चतम स्तर पर सालाना 45-50 अरब डॉलर से अधिक का आयात हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान से तेल की कीमतें 150 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच सकती हैं।
भारत सौर, पवन, जैव ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की तलाश कर रहा है।