The project's aim was to scientifically validate the medicinal properties of a traditional mixture made from cow dung, cow urine, milk, curd, and ghee for the treatment of chronic illnesses, including cancer.
भारत
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Moneycontrol11-01-2026, 09:51

मध्य प्रदेश परियोजना पर सवाल: गाय के गोबर और मूत्र पर 1.92 करोड़ रुपये खर्च?

  • मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वित्त पोषित 'पंचगव्य' परियोजना, जो गाय उत्पादों का उपयोग करके कैंसर के उपचार पर शोध कर रही है, वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों का सामना कर रही है.
  • जिला अधिकारी नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर की गाय के गोबर और मूत्र पर अत्यधिक खर्च की जांच कर रहे हैं.
  • 2011-2018 के बीच कच्चे माल और भंडारण बर्तनों पर लगभग 1.92 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि जांचकर्ताओं का सुझाव है कि वास्तविक लागत 15-20 लाख रुपये होनी चाहिए.
  • जांच में एक लक्जरी वाहन (7.5 लाख रुपये), ईंधन/रखरखाव (7.5 लाख रुपये), फर्नीचर/इलेक्ट्रॉनिक्स (15 लाख रुपये) और गोवा व बेंगलुरु की हवाई यात्राओं जैसे गैर-आवश्यक खर्चों पर भी सवाल उठाए गए.
  • 14 साल बाद भी कैंसर के इलाज में कोई महत्वपूर्ण सफलता दर्ज नहीं की गई; विश्वविद्यालय नियमित ऑडिट और निविदा प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए गलत काम से इनकार करता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मध्य प्रदेश की 'पंचगव्य' परियोजना कथित धन के दुरुपयोग और अत्यधिक खर्च के लिए जांच के दायरे में है.

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