Under the revived system, one village cowherd will be appointed for over 70 cows. If the number exceeds 70, two cowherds will be appointed. Each village cowherd will receive Rs 10,000 per month.
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Moneycontrol22-02-2026, 21:20

राजस्थान के मंत्री ने गाय के दूध को बुद्धिमत्ता और भैंस के दूध को आलस्य से जोड़ा.

  • राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने दावा किया कि स्वदेशी गाय का दूध बच्चों को सक्रिय और बुद्धिमान बनाता है, जबकि भैंस का दूध सुस्ती लाता है.
  • ‘गो-संवर्धन और गोचारण’ कार्यक्रम में बोलते हुए, दिलावर ने पारंपरिक ग्राम ग्वाला प्रणाली को पुनर्जीवित करने की योजना की घोषणा की.
  • 14 गांवों में हर 70 गायों के लिए एक 'ग्राम ग्वाला' नियुक्त किया जाएगा, जिसे स्थानीय दानदाताओं से प्रति माह 10,000 रुपये मिलेंगे.
  • दिलावर ने गाय और भैंस के बछड़ों के व्यवहार की तुलना करके अपने दावों को सही ठहराया, कहा कि गाय के बछड़े अधिक बुद्धिमान और सक्रिय होते हैं.
  • उन्होंने माता-पिता से अपने बच्चों की प्रगति, बुद्धिमत्ता और चंचलता के लिए 'गौ माता' का दूध देने का आग्रह किया.

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