राजनाथ सिंह: वाजपेयी का कद पदों से नहीं, कर्मों और व्यक्तित्व से था.

भारत
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Moneycontrol•24-12-2025, 22:15
राजनाथ सिंह: वाजपेयी का कद पदों से नहीं, कर्मों और व्यक्तित्व से था.
- •रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का कद उनके पदों से नहीं, बल्कि उनके कर्मों और व्यक्तित्व से परिभाषित होता था.
- •वाजपेयी की 101वीं जयंती की पूर्व संध्या पर बोलते हुए, सिंह ने उनके जीवंत स्वभाव, काव्य-प्रेम और लोगों से जुड़ने की क्षमता की सराहना की.
- •सिंह ने वाजपेयी की शुरुआती कविता "हिंदू तन-मन..." और उनके अटूट संकल्प "हार नहीं मानूंगा, राह नई ठानूंगा" को याद किया.
- •किस्सों ने वाजपेयी की तीक्ष्ण बुद्धि और हास्य को उजागर किया, जिसमें उनका "अटल भी हूं और बिहारी भी" जवाब और "शाकाहारी" टिप्पणी शामिल है.
- •वाजपेयी ने राजनीतिक विरोधियों पर हमला करते हुए भी मर्यादा बनाए रखी, और उनके जीवन में ऊंचाई के साथ-साथ विस्तार भी था.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: वाजपेयी की विरासत उनके चरित्र, काव्य-आत्मा और अटूट भावना से बनी है, जो राजनीतिक भूमिकाओं से परे है.
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