बसंत पंचमी: 'खली छुआना' संस्कार से बच्चों की शिक्षा का शुभारंभ, सदियों पुरानी परंपरा

हजारीबाग
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News18•23-01-2026, 19:06
बसंत पंचमी: 'खली छुआना' संस्कार से बच्चों की शिक्षा का शुभारंभ, सदियों पुरानी परंपरा
- •बसंत पंचमी, मां सरस्वती को समर्पित, छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, इस दिन देवी ज्ञान का आशीर्वाद देती हैं.
- •सदियों पुरानी 'खली छुआना' परंपरा में बसंत पंचमी पर छोटे बच्चों को पहली बार अक्षरों से परिचित कराया जाता है.
- •इस संस्कार में, एक पुजारी बच्चे का हाथ पकड़कर 'ओम' या पहला अक्षर लिखवाता है, जो उनकी शैक्षिक यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है.
- •माता-पिता का मानना है कि इस दिन पढ़ाई शुरू करने से मां सरस्वती का विशेष आशीर्वाद मिलता है, जिससे एकाग्रता और सफलता मिलती है.
- •कई स्कूल अपने नए शैक्षणिक सत्र को सरस्वती पूजा के साथ जोड़ते हैं, यह दर्शाता है कि पूजा के बाद शिक्षा शुरू करने से बच्चों में अनुशासन और मूल्य आते हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बसंत पंचमी का 'खली छुआना' संस्कार बच्चों की शिक्षा शुरू करने की एक पवित्र परंपरा है.
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