UPSC में असफल होकर भी बने प्रेरणा, नीलोत्पल मृणाल की कहानी युवाओं के लिए मिसाल.

दुमका
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News18•12-01-2026, 17:07
UPSC में असफल होकर भी बने प्रेरणा, नीलोत्पल मृणाल की कहानी युवाओं के लिए मिसाल.
- •झारखंड के दुमका के नीलोत्पल मृणाल हिंदी साहित्य के विश्व प्रसिद्ध समकालीन लेखक हैं, जो युवाओं की धड़कन बन गए हैं.
- •दिल्ली में 8 साल की UPSC तैयारी के बाद भी सफलता न मिलने पर उन्होंने हिंदी साहित्य को अपना हथियार बनाया.
- •उनकी किताबें गांव-शहर के जीवन, संघर्ष, बेरोजगारी, प्रेम और युवाओं के दर्द को दर्शाती हैं, जिससे युवा जुड़ पाते हैं.
- •मृणाल का मानना है कि असफलता जीवन का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत है.
- •उन्होंने युवाओं से अपनी रुचि और क्षमता को पहचानने और खुद को कमजोर न समझने की अपील की है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: नीलोत्पल मृणाल की कहानी सिखाती है कि असफलता के बाद भी अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है.
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