
झारखंड में खराब मौसम का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है, जिसमें गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है और हवाएं 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।
किसान एहतियाती उपाय अपनाकर और बीमा दावों के लिए नुकसान की समय पर सूचना सुनिश्चित करके फसलों को ओलावृष्टि से बचा सकते हैं।