बाल ठाकरे की जयंती पर स्पेशल (फाइल फोटो)
ज्ञान
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News1823-01-2026, 04:36

बाल ठाकरे: बिना चुनाव लड़े दिल्ली की कुर्सी हिलाने वाले महाराष्ट्र के बेताज बादशाह

  • 23 जनवरी को जन्मे बाल ठाकरे ने कभी चुनाव नहीं लड़ा, फिर भी वे महाराष्ट्र की राजनीति के बेताज बादशाह रहे.
  • एक कार्टूनिस्ट के रूप में शुरुआत कर, उन्होंने 1966 में शिवसेना की स्थापना की, 'मराठी मानुष' और बाद में हिंदुत्व की वकालत की.
  • ठाकरे 'मातोश्री' से राजनीति करते थे और 1990 के दशक में महाराष्ट्र सरकार का 'रिमोट कंट्रोल' उनके पास था.
  • आक्रामक हिंदुत्व के लिए जाने जाते थे; उन्होंने खुले तौर पर कहा कि शिवसैनिकों ने बाबरी मस्जिद गिराई, जिससे उन्हें 'हिंदू हृदयसम्राट' की उपाधि मिली.
  • 6 साल के मतदान प्रतिबंध और विवादों के बावजूद, 2012 में उनके निधन तक उनका अपार प्रभाव और लोकप्रियता कम नहीं हुई.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बाल ठाकरे ने बिना कोई पद संभाले महाराष्ट्र में अपार राजनीतिक शक्ति का प्रयोग किया और राज्य की राजनीति को गहराई से प्रभावित किया.

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