अरबों साल पुराना तारा मिला: सूर्य से 40 हजार गुना कम लोहा, पर कार्बन भरपूर, ब्रह्मांड के रहस्य उजागर
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ब्रह्मांड के रहस्य खोलेगा PicII-503 तारा, सूर्य से 40 हजार गुना कम लोहा
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News18•19-03-2026, 20:58
ब्रह्मांड के रहस्य खोलेगा PicII-503 तारा, सूर्य से 40 हजार गुना कम लोहा
•खगोलविदों ने डार्क एनर्जी कैमरा (DECam) का उपयोग करके Pictor II आकाशगंगा में PicII-503 नामक एक दुर्लभ 'कॉस्मिक जीवाश्म' तारे की खोज की है.
•यह तारा ब्रह्मांड के शुरुआती चरणों में बना था और इसका लौह तत्व सूर्य से 40,000 गुना कम है, जो इसे दूसरी पीढ़ी का तारा बनाता है.
•PicII-503 में कार्बन और लोहे का अनुपात सूर्य से 1500 गुना अधिक है, जो दर्शाता है कि यह प्राचीन और छोटी आकाशगंगाओं से उत्पन्न हुआ है जो मिल्की वे में विलीन हो गईं.
•इस तारे का अस्तित्व कम ऊर्जा वाले सुपरनोवा विस्फोटों के सिद्धांत का समर्थन करता है, जहाँ भारी तत्व तारे के कोर में वापस गिर जाते हैं और हल्के तत्व बच निकलते हैं.
•'नेचर एस्ट्रोनॉमी' में प्रकाशित यह खोज ब्रह्मांड के पहले तारों से जुड़ने वाली 'गुम हुई कड़ी' प्रदान करती है और भविष्य के मिशनों के लिए मार्ग प्रशस्त करती है.