भारत के शहरी जल संकट को समझें: तेल-गैस से परे, समस्या और समाधान का विस्तृत विश्लेषण
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भारत के शहरों में पानी का भीषण संकट: समस्या से समाधान तक की पूरी बात.
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News18•12-03-2026, 12:37
भारत के शहरों में पानी का भीषण संकट: समस्या से समाधान तक की पूरी बात.
•दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित पांच भारतीय शहर दुनिया के 20 सबसे 'जल-संकटग्रस्त' शहरों में शामिल हैं, जो एक स्थायी संकट का सामना कर रहे हैं.
•NITI Aayog की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक भारत की 40% आबादी को स्वच्छ पेयजल नहीं मिलेगा; Stanford University के अध्ययन से पता चलता है कि कम आय वाले निवासी अपनी आय का 20% पानी पर खर्च कर सकते हैं.
•पानी की कमी के मुख्य कारण अनियंत्रित भूजल दोहन, पुरानी बुनियादी ढांचा, जल निकायों का गायब होना, जलवायु परिवर्तन और तेजी से शहरीकरण हैं.
•Stanford University के 'ब्लूप्रिंट' में किसानों को शहरी घरों को सिंचाई का पानी कानूनी रूप से बेचने की अनुमति देने का प्रस्ताव है, जिससे गरीबों के लिए पानी की लागत 18% से घटकर 4% हो सकती है.
•समाधान के लिए बड़े पैमाने पर आपूर्ति बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है; सही नीतियों के साथ कुल आपूर्ति में केवल 1% की वृद्धि से प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 40 लीटर पानी उपलब्ध कराया जा सकता है, साथ ही व्यक्तिगत स्तर पर जल संरक्षण भी महत्वपूर्ण है.