पहली बार वैज्ञानिकों ने देखा 'मैग्नेटर' का जन्म, जो 1 सेकंड में 1000 बार घूमता है. आइंस्टीन का सदी पुराना सिद्धांत हुआ प्रमाणित.
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वैज्ञानिकों ने पहली बार देखा 'मैग्नेटर' का जन्म, आइंस्टीन की थ्योरी ने सुलझाया रहस्य.
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News18•12-03-2026, 19:40
वैज्ञानिकों ने पहली बार देखा 'मैग्नेटर' का जन्म, आइंस्टीन की थ्योरी ने सुलझाया रहस्य.
•दिसंबर 2024 में SN 2024afav नामक एक सुपरल्युमिनस सुपरनोवा से वैज्ञानिकों ने पहली बार 'मैग्नेटर' के जन्म का अवलोकन किया.
•सूर्य से 25 गुना भारी तारे के विस्फोट से उत्पन्न यह सुपरनोवा 200 दिनों तक असामान्य चमक उतार-चढ़ाव (चार चोटियाँ) दिखाता रहा.
•इस घटना ने डैन कासेन के 16 साल पुराने सिद्धांत को पुष्ट किया कि मैग्नेटर कुछ सुपरल्युमिनस सुपरनोवा को ऊर्जा देते हैं.
•अल्बर्ट आइंस्टीन के सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत (Lense-Thirring precession) ने मैग्नेटर के चारों ओर एक डगमगाती अभिवृद्धि डिस्क के कारण चमक में भिन्नता को समझाया.
•मैग्नेटर शक्तिशाली न्यूट्रॉन तारे हैं, जिनका व्यास 16 किमी है, चुंबकीय क्षेत्र सैकड़ों गुना मजबूत है और प्रति सेकंड 1000 से अधिक बार घूमते हैं.