भारतीय रेलवे: पूर्वी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों को स्वच्छ रखने के लिए विशेष उपाय कर रहा है, बायो-टॉयलेट और कचरा प्रबंधन पर जोर.
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ईस्टर्न रेलवे का 'स्वच्छ रेल' अभियान: बायो-टॉयलेट और डस्टबिन से रेलवे लाइनें होंगी कचरा मुक्त.
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News18•02-03-2026, 08:53
ईस्टर्न रेलवे का 'स्वच्छ रेल' अभियान: बायो-टॉयलेट और डस्टबिन से रेलवे लाइनें होंगी कचरा मुक्त.
•ईस्टर्न रेलवे पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में 587 स्टेशनों और 2,015 ट्रेनों का संचालन करता है, जिससे प्रतिदिन 3.1 मिलियन यात्री यात्रा करते हैं.
•स्वच्छता प्रयासों में ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ, यांत्रिक/मैनुअल सफाई, सूखे और गीले कचरे के लिए अलग डस्टबिन और बायो-टॉयलेट शामिल हैं.
•सियालदह डिवीजन को बाहरी कचरा डंपिंग से चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिससे पर्यावरण और यात्री अनुभव प्रभावित होता है.
•सियालदह डिवीजन में 15-28 फरवरी, 2026 तक एक गहन स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें 300 टन कचरा हटाया गया और 50,000 वर्ग फुट भूमि पुनः प्राप्त की गई.
•ईस्टर्न रेलवे यात्रियों और आम जनता से जिम्मेदारी से कार्य करने, निर्दिष्ट डिब्बे का उपयोग करने और स्वच्छ व सुरक्षित रेलवे वातावरण बनाने में मदद करने की अपील करता है.