
मालदा की घटना में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का विरोध कर रही एक भीड़ ने सात न्यायिक अधिकारियों, जिनमें तीन महिला न्यायाधीश भी शामिल थीं, का घेराव किया और उन्हें बंधक बना लिया।
अमित शाह ने कहा कि मांगें संवैधानिक तरीकों से उठाई जानी चाहिए, हिंसा से नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नक्सलवाद एक हिंसक वामपंथी विचारधारा है, विकास की मांग नहीं।
हाँ, 23 और 29 अप्रैल, 2026 को होने वाले आगामी पश्चिम बंगाल चुनावों का राष्ट्रीय राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।