पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का कायापलट: चमकते स्टेशन, वाई-फाई और दिव्यांगजन सुविधाएँ!

कोलकाता
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News18•13-01-2026, 10:54
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का कायापलट: चमकते स्टेशन, वाई-फाई और दिव्यांगजन सुविधाएँ!
- •भारतीय रेलवे पूर्वोत्तर भारत में बड़े पैमाने पर परिवर्तन कर रहा है, जिसमें 2014 से पीएम मोदी के नेतृत्व में असम में रेल विकास को प्राथमिकता दी गई है.
- •पिछले पाँच वर्षों में असम के रेलवे नेटवर्क में 416 किमी नई लाइनें और 366 किमी दोहरीकरण का विस्तार हुआ है, जो 2,571 रूट किमी और 4,199 ट्रैक किमी तक पहुँच गया है.
- •असम में लगभग 95% विद्युतीकरण पूरा हो चुका है, जिससे डिब्रूगढ़-कन्याकुमारी विवेक एक्सप्रेस और डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की इलेक्ट्रिक ट्रेनें चल रही हैं.
- •अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत असम के 50 स्टेशनों का उन्नयन किया जा रहा है, जिसमें हाइबरगाँव स्टेशन आधुनिक सुविधाओं और दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाओं वाला पहला अमृत स्टेशन है.
- •असम को जल्द ही कामाख्या और कोलकाता के बीच स्लीपर-क्लास वंदे भारत एक्सप्रेस और दो अमृत भारत गैर-एसी ट्रेनें मिलेंगी, साथ ही AI-आधारित हाथी संरक्षण जैसी सुरक्षा पहल भी होंगी.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे आधुनिक बुनियादी ढाँचे, बेहतर यात्री सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ एक बड़ा उन्नयन कर रहा है.
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