ग्रहों की भूमिका और वैवाहिक जीवन पर उनका असर
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News1801-02-2026, 15:01

कुंडली में तलाक का योग: 26 गुण मिलने पर भी क्यों होता है तलाक?

  • कुंडली मिलान के बाद भी ग्रहों की कुछ विशेष स्थितियाँ वैवाहिक जीवन में तनाव का कारण बन सकती हैं, जिसे 'तलाक योग' कहते हैं.
  • तलाक योग विवाह के अंत की भविष्यवाणी नहीं है, बल्कि यह रिश्ते में तनाव की उच्च संभावना का संकेत देता है, जिसे समय पर समझना आवश्यक है.
  • लग्न, सप्तमेश और चंद्रमा का कमजोर होना या प्रतिकूल भावों में होना पति-पत्नी के विचारों में मतभेद और भावनात्मक दूरी पैदा करता है.
  • सप्तम भाव का छठे (विवाद) या बारहवें (अलगाव) भाव से संबंध कानूनी जटिलताओं या भावनात्मक अलगाव की स्थिति उत्पन्न कर सकता है.
  • सप्तम भाव में सूर्य (अहंकार), राहु (भ्रम) या शनि (शीतलता) की उपस्थिति, या कमजोर शुक्र, वैवाहिक सुख को प्रभावित कर सकता है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कुंडली मिलान के बावजूद, ग्रहों के विशिष्ट योग वैवाहिक जीवन में चुनौतियाँ पैदा कर सकते हैं, जिन्हें समझना महत्वपूर्ण है.

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