उज्‍बेक‍िस्‍तान की मह‍िला को भारत में नई ज‍िंदगी म‍िली है.
समाचार
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News1810-02-2026, 20:23

उज्बेकिस्तान की महिला को भारत में मिली नई जिंदगी, 3D प्रिंटेड इम्प्लांट से बचाई जान.

  • उज्बेकिस्तान की 27 वर्षीय महिला के अंडाशय का कैंसर दिमाग तक फैल गया था, जहां सर्जरी के दौरान खोपड़ी का एक हिस्सा हटा दिया गया था.
  • खोपड़ी के हिस्से के अभाव में दिमाग बाहर की ओर निकलने लगा, जिससे गंभीर सिरदर्द और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं हुईं.
  • दिल्ली के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने दिमाग के बाहर निकले हुए हिस्से को अंदर किया, तरल पदार्थ निकाला और 3D प्रिंटेड टाइटेनियम इम्प्लांट से खोपड़ी का पुनर्निर्माण किया.
  • न्यूरोसर्जन डॉ. अनुराग सक्सेना ने बताया कि यह एक दुर्लभ स्थिति थी, जहां दिमाग सामान्य रूप से अंदर की बजाय बाहर की ओर निकल रहा था.
  • सर्जरी के बाद महिला अब स्थिर है, उसके सभी लक्षण गायब हो गए हैं और वह सामान्य जीवन जी सकती है, जो 3D प्रिंटेड इम्प्लांट की सफलता को दर्शाता है.

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