प्रेमानंद जी महाराज का वैवाहिक पुण्य पर चौंकाने वाला जवाब: क्या पत्नी की भक्ति का फल पति को मिलता है?

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News18•10-01-2026, 15:27
प्रेमानंद जी महाराज का वैवाहिक पुण्य पर चौंकाने वाला जवाब: क्या पत्नी की भक्ति का फल पति को मिलता है?
- •एक भक्त ने प्रेमानंद जी महाराज से पूछा कि क्या पत्नी की भक्ति का पुण्य पति को मिलता है; महाराज जी ने कहा, "नहीं."
- •जब पूछा गया कि क्या पति की भक्ति का पुण्य पत्नी को मिलता है, तो महाराज जी ने जवाब दिया, "हाँ."
- •महाराज जी ने समझाया कि 'पाणिग्रहण संस्कार' के दौरान पति का हाथ पत्नी के हाथ के नीचे होना उसके बोझ उठाने और रक्षा करने के वादे को दर्शाता है.
- •इस संस्कार का अर्थ है कि पति पत्नी का संरक्षक बन जाता है, इसलिए उसके पुण्य का फल पत्नी को मिलता है.
- •उन्होंने यह भी कहा कि पत्नी का समर्पण और त्याग, अपना घर छोड़कर नए जीवन में ढलना, उसका सबसे बड़ा योगदान है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: प्रेमानंद जी महाराज ने स्पष्ट किया कि पति के सुरक्षात्मक भूमिका के कारण उसके पुण्य का फल पत्नी को मिलता है, जबकि पत्नी की भक्ति सीधे हस्तांतरित नहीं होती.
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