अपने बेटे ओर बहु के साथ प्रतिभा बातचीत करते हुए
खंडवा
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News1809-01-2026, 22:19

कराची से खंडवा: 90 साल की महिला ने सुनाई 1947 बंटवारे की दर्दनाक कहानी

  • 90 वर्षीय प्रतिभा लौंडे ने 1947 के भारत-पाकिस्तान बंटवारे के अपने दर्दनाक अनुभव साझा किए, कराची से खंडवा तक का सफर.
  • कराची के पास कोठरी गांव में जन्मी प्रतिभा ने हिंदू परिवारों के खिलाफ बढ़ते डर और हिंसा को देखा.
  • उनका परिवार, अन्य लोगों के साथ, यात्री जहाज न आने के बाद एक मालवाहक जहाज से पाकिस्तान से भागा, मुंबई तक तीन दिन की यात्रा की.
  • बिना किसी दस्तावेज के भारत पहुंचने के बाद, वे इंदौर में बसने से पहले भटकते रहे, जहां प्रतिभा ने अपनी शिक्षा जारी रखी.
  • अपना घर, जमीन और बचपन खोने के बावजूद, प्रतिभा ने एक शिक्षिका बनकर अपना जीवन फिर से बनाया और जोर देती हैं कि बंटवारे का दर्द अविस्मरणीय है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: एक 90 वर्षीय महिला का मार्मिक वृत्तांत बंटवारे के बचे लोगों के स्थायी दर्द और लचीलेपन को उजागर करता है.

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