बालाघाट के आदिवासी चिरौटा से निकालते हैं तेल, जोड़ों का दर्द होता है गायब.

बालाघाट
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News18•22-12-2025, 16:28
बालाघाट के आदिवासी चिरौटा से निकालते हैं तेल, जोड़ों का दर्द होता है गायब.
- •मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी अपनी आजीविका के लिए चिरौटा जैसे वन उत्पादों पर निर्भर हैं.
- •वे जंगली चिरौटा से बीज निकालते हैं, इस प्रक्रिया में भालू और तेंदुए जैसे जंगली जानवरों के हमलों का खतरा रहता है.
- •चिरौटा के बीज 20 रुपये प्रति किलोग्राम पर बेचे जाते हैं या दैनिक आवश्यकताओं के लिए वस्तु विनिमय किया जाता है.
- •चिरौटा तेल में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा की सूजन को कम करते हैं और घावों को भरते हैं.
- •चिरौटा तेल से मालिश करने से घुटनों और जोड़ों के दर्द में प्रभावी रूप से राहत मिलती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: बालाघाट के आदिवासी जंगली चिरौटा से औषधीय तेल बनाते हैं, जो जोड़ों के दर्द और त्वचा रोगों में राहत देता है.
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