डॉ. नारायण व्यास को यूनेस्को स्थलों के संरक्षण के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया.

भोपाल
N
News18•25-01-2026, 20:00
डॉ. नारायण व्यास को यूनेस्को स्थलों के संरक्षण के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया.
- •मध्य प्रदेश के प्रख्यात पुरातत्वविद् डॉ. नारायण व्यास को गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर पद्म श्री से सम्मानित किया गया.
- •उन्हें भीमबेटका, सांची स्तूप और रानी की वाव जैसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण में उनके असाधारण योगदान के लिए पहचाना गया है.
- •2009 तक एएसआई में वरिष्ठ पुरातत्वविद् के रूप में, डॉ. व्यास ने शैल कला और प्रागैतिहासिक स्थलों के अध्ययन में विशेषज्ञता हासिल की, जिससे भारत की विरासत को वैश्विक पहचान मिली.
- •उनके कार्यों में भीमबेटका की शैल चित्रों की खोज और संरक्षण, रानी की वाव और सांची स्तूपों का महत्वपूर्ण अध्ययन शामिल है.
- •मध्य प्रदेश के पुरातत्व क्षेत्र में 'ग्रैंड ओल्ड मैन' कहे जाने वाले डॉ. व्यास का सम्मान सांस्कृतिक संरक्षण के महत्व को उजागर करता है और युवाओं को प्रेरित करता है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: डॉ. नारायण व्यास को भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों के संरक्षण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए पद्म श्री मिला.
✦
More like this
Loading more articles...




