इंदौर के बोरवेल पानी में मिला मल-मूत्र बैक्टीरिया, हैजा-टाइफाइड का खतरा बढ़ा.

इंदौर
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News18•08-01-2026, 11:26
इंदौर के बोरवेल पानी में मिला मल-मूत्र बैक्टीरिया, हैजा-टाइफाइड का खतरा बढ़ा.
- •इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र के बोरवेल पानी में मल-मूत्र वाले बैक्टीरिया (फीकल कोलीफॉर्म) की गंभीर पुष्टि हुई, जो स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है.
- •60 बोरवेल के नमूनों में से 35 फेल हुए; फीकल कोलीफॉर्म का स्तर 84 से 350+ तक पाया गया, जबकि पीने के पानी में यह 0% होना चाहिए.
- •चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैक्टीरिया हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए जैसी गंभीर बीमारियाँ पैदा कर सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए घातक.
- •दूषित बोरवेल का पानी नर्मदा जल आपूर्ति को भी प्रभावित कर रहा है, जिससे समस्या का दायरा और बढ़ गया है.
- •जल जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए नियमित परीक्षण, सीवेज सिस्टम की मरम्मत और दूषित बोरवेल को बंद करना अत्यंत आवश्यक है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: इंदौर में दूषित पानी से हैजा-टाइफाइड का खतरा बढ़ा, तत्काल कार्रवाई की जरूरत है.
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