खंडवा से बॉलीवुड: योगेन्द्र वाघे का सफर, शिव भजन ने बदली किस्मत.

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News18•24-12-2025, 13:32
खंडवा से बॉलीवुड: योगेन्द्र वाघे का सफर, शिव भजन ने बदली किस्मत.
- •योगेन्द्र वाघे का खंडवा से बॉलीवुड तक का सफर उनके दादा की संगीत विरासत और पिता के अधूरे सपने को पूरा करता है.
- •उनके दादा एक संगीत निर्देशक थे; उनके पिता, एक राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता इंजीनियर, ने बेटे में अपने संगीत के सपने देखे.
- •3 साल की उम्र से स्व-शिक्षित योगेन्द्र को 2003 में गुलशन कुमार की कंपनी के लिए गाए शिव भजन से पहचान मिली.
- •श्री दादाजी धूनीवाले के लिए उनके सुपरहिट भजन, जैसे 'प्यार दिया दादाजी महाराज', को 30 मिलियन से अधिक बार देखा गया, जिससे वे मुंबई पहुंचे.
- •उन्होंने 'ग्रैंड मस्ती' और 'सुपर नानी' जैसी फिल्मों में गाया, सोनू निगम और अनुप जलोटा के साथ काम किया, और अमिताभ बच्चन से भी जुड़े हैं.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: योगेन्द्र वाघे का खंडवा से बॉलीवुड तक का सफर जुनून, पारिवारिक विरासत और कड़ी मेहनत की प्रेरणा है.
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