जानकारी देते कृष्णा वानखेडे 
बुरहानपुर
N
News1819-01-2026, 13:54

मजदूर का बेटा बना 7 बार का नेशनल खो-खो खिलाड़ी, प्रेरणादायक कहानी

  • बुरहानपुर के एक पावरलूम मजदूर के बेटे कृष्ण वानखेड़े ने गरीबी और सीमित संसाधनों के बावजूद 7 बार राष्ट्रीय खो-खो खिलाड़ी बनकर दिखाया है.
  • उनकी यात्रा पड़ोस के मैदान से शुरू हुई, जहां वे अपने भाई और महाजनपेठ के बाल भैरव व्यायामशाला में खिलाड़ियों को देखकर प्रेरित हुए.
  • वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद, उनके परिवार, दोस्तों और गुरुओं ने उनके सपने का समर्थन किया, प्रतियोगिताओं के लिए यात्रा और किट का खर्च उठाया.
  • कृष्ण ने दिल्ली, मुंबई, गुजरात, चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया है.
  • अब, वह वंचित बच्चों को मुफ्त खो-खो प्रशिक्षण प्रदान करते हैं, जिसका लक्ष्य उन प्रतिभाशाली युवाओं को मंच देना है जिनके पास संसाधनों की कमी है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कृष्ण वानखेड़े की गरीबी से राष्ट्रीय खो-खो सफलता तक की यात्रा दृढ़ संकल्प और सामुदायिक समर्थन को दर्शाती है.

More like this

Loading more articles...