एमपी पुलिस घोटाला: 1000 FIR में एक ही गवाह, थाना प्रभारी हटाया गया.

भोपाल
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News18•13-01-2026, 08:45
एमपी पुलिस घोटाला: 1000 FIR में एक ही गवाह, थाना प्रभारी हटाया गया.
- •मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में कई पुलिस मामलों में एक ही सरकारी गवाहों के बार-बार इस्तेमाल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.
- •गृह मंत्रालय के CCTNS प्रोजेक्ट के डिजिटल अपराध रिकॉर्ड से पता चला कि लौर और नईगढ़ी पुलिस स्टेशनों में 2000 से लगभग 1,000 FIR में छह व्यक्तियों को गवाह के रूप में नामित किया गया था.
- •RTI कार्यकर्ता कुंज बिहारी तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई कि पूर्व थाना प्रभारी जगदीश सिंह ठाकुर ने कुछ चुनिंदा गवाहों का उपयोग करके 150 से अधिक संदिग्ध FIR को वैध बनाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया.
- •दिनेश कुशवाहा और राहुल विश्वकर्मा जैसे कुछ 'सुपर गवाहों' का दावा है कि उनके नामों का इस्तेमाल उनकी जानकारी के बिना किया गया या उन्होंने केवल गिरफ्तारी के बाद हस्ताक्षर किए, न कि इतने सारे मामलों में गवाह के रूप में.
- •शिकायत और प्रस्तुत सबूतों के बाद मऊगंज एसपी दिलीप सोनी ने जगदीश सिंह ठाकुर को नईगढ़ी थाना प्रभारी के पद से हटा दिया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: रिकॉर्ड से 1000 FIR में एक ही गवाह सामने आने के बाद एमपी पुलिस अधिकारी हटाया गया, भ्रष्टाचार की चिंताएं बढ़ीं.
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