
उच्च न्यायालय के निर्णयों ने स्पष्ट किया है कि एक बहू को कानूनी रूप से अपने ससुराल वालों का भरण-पोषण करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है, और यह कि जबकि पूर्व ग्राम पंचायत सरपंच प्रशासक के रूप में जारी रह सकते हैं, वे
उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार, 'स्कूल चलें हम' अभियान का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया गया है।
हाँ, ईंधन की कालाबाजारी दैनिक यात्रियों को प्रभावित कर सकती है। ड्राइवर ऐप-आधारित किराए से अधिक अतिरिक्त भुगतान की मांग के लिए ईंधन की कमी और बढ़ती लागत को कारण बताते हैं।