मध्य प्रदेश के गांवों में दूध उत्पादन से कमाएं भारी मुनाफा: सांची समिति खोलने की पूरी प्रक्रिया जानें
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अब हर गांव बनेगा 'दूध वाला'! सांची समिति खोलकर पाएं तगड़ा मुनाफा.
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News18•17-02-2026, 06:15
अब हर गांव बनेगा 'दूध वाला'! सांची समिति खोलकर पाएं तगड़ा मुनाफा.
•सांची दुग्ध समितियां गांवों को सशक्त बनाती हैं, किसानों को दूध बेचने के लिए एक सामूहिक मंच प्रदान करती हैं, जिससे परिवहन और बाजार पहुंच की चुनौतियां दूर होती हैं.
•किसान दूध की छोटी मात्रा भी बेच सकते हैं, जिससे उचित मूल्य सुनिश्चित होता है और बर्बादी रुकती है, क्योंकि संघ सीधे गांव से दूध एकत्र करता है.
•समिति खोलने के लिए, सांची दुग्ध संघ के जिला कार्यालय या विकास खंड पर्यवेक्षक से संपर्क करें; एक सर्वेक्षण यह आकलन करेगा कि क्या प्रतिदिन कम से कम 100 लीटर अतिरिक्त दूध उपलब्ध है.
•एक दुग्ध समिति बनाने के लिए न्यूनतम 22 सदस्यों की आवश्यकता होती है, जिनमें से कम से कम 33% (8 सदस्य) महिलाएं होनी चाहिए; अलग से महिला समितियां भी बनाई जा सकती हैं.
•सांची समिति में शामिल होने से साल भर आय, नियमित भुगतान, सरकारी योजनाओं तक पहुंच, पशुपालन को बढ़ावा और जैविक खेती का समर्थन सुनिश्चित होता है.