जेल वाणी का संचालन खुद कैदी करते हैं.
सतना
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News1816-02-2026, 19:05

सतना जेल में 'जेल वाणी' का कमाल: सायरन की जगह भजन, कैदी बने RJ, जीवन में आया बदलाव.

  • मध्य प्रदेश की सतना सेंट्रल जेल में दिन की शुरुआत अब सायरन से नहीं, बल्कि रामचरितमानस और भजनों से होती है.
  • वरिष्ठ IPS अधिकारी डॉ. वरुण कपूर के मार्गदर्शन में शुरू हुई 'जेल वाणी' पहल में कैदी खुद रेडियो जॉकी बन गए हैं.
  • सुबह 7:00 बजे से 8:30 बजे तक और दोपहर 12:30 बजे से कार्यक्रम प्रसारित होते हैं, जो हर बैरक में स्पीकर के माध्यम से पहुंचते हैं.
  • 'जेल वाणी' कैदियों को मानसिक तनाव से दूर रखने, सकारात्मक ऊर्जा भरने और सुधार लाने का एक प्रभावी माध्यम है.
  • कैदियों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखा गया है, आपसी विवाद कम हुए हैं और रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ी है.

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