विंध्य की अनोखी कजरौटा होली: देवर-भाभी की रस्में आज भी हंसी-खुशी से निभाई जा रही.

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News18•01-03-2026, 20:23
विंध्य की अनोखी कजरौटा होली: देवर-भाभी की रस्में आज भी हंसी-खुशी से निभाई जा रही.
- •विंध्य क्षेत्र में 'फगुआ' होली देवर-भाभी की 'कजरौटा' परंपरा के साथ मनाई जाती है, जो लठमार या लड्डू होली से अलग है.
- •भाभी देवर की आंखों में काजल लगाती है, जो बुरी नजर से सुरक्षा और अच्छे भाग्य का प्रतीक है, सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती है.
- •रिश्ते में मिठास बनाए रखने के लिए रंगीन बताशे खिलाए जाते हैं, जो देवर और भाभी के पवित्र बंधन को उजागर करता है.
- •पारंपरिक गीत, चुटकुले और हंसी-मजाक का आदान-प्रदान होता है, जिसमें देवर और भाभी के बीच हमेशा गरिमा और सम्मान बना रहता है.
- •आधुनिकीकरण के बावजूद, यह परंपरा नई पीढ़ी द्वारा उत्साहपूर्वक संरक्षित की जा रही है, जो परिवार और सामाजिक एकता को बढ़ावा देती है.
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