BMC चुनाव: कांग्रेस को MVA से अलग होना पड़ा भारी, मुस्लिम-दलित वोट बैंक भी खिसका

मुंबई
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News18•16-01-2026, 19:50
BMC चुनाव: कांग्रेस को MVA से अलग होना पड़ा भारी, मुस्लिम-दलित वोट बैंक भी खिसका
- •BMC चुनाव में कांग्रेस को 227 में से केवल 15 सीटें मिलीं, जो 2017 की 31 सीटों से बड़ी गिरावट है, पार्टी के लिए 'खतरे की घंटी' है.
- •MVA (शिवसेना UBT, NCP शरद पवार) से अलग होकर VBA के साथ चुनाव लड़ने का फैसला अपेक्षित वोट हस्तांतरण लाभ नहीं दे पाया.
- •कांग्रेस एक मजबूत अभियान कथा स्थापित करने में विफल रही, 'कम ऊर्जा' वाली दिखी और वार्ड स्तर पर संदेश में निरंतरता का अभाव था.
- •आंतरिक कलह, कमजोर चुनाव मशीनरी और VBA की दलित वोटों को प्रभावी ढंग से स्थानांतरित करने में असमर्थता ने खराब प्रदर्शन में योगदान दिया.
- •कांग्रेस के लिए सबसे चिंताजनक प्रवृत्ति उसके पारंपरिक मुस्लिम और दलित वोट बैंकों का AIMIM और समाजवादी पार्टी जैसे अन्य दलों की ओर खिसकना है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: कांग्रेस की रणनीतिक गलतियों और वोट बैंक के क्षरण से BMC सीटों में भारी कमी आई, शहरी हाशिए पर जाने का संकेत.
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