बीएमसी चुनाव: ठाकरे का गढ़ ढहा, महायुति ने मुंबई में 3 दशक का दबदबा खत्म किया

मुंबई
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News18•16-01-2026, 18:20
बीएमसी चुनाव: ठाकरे का गढ़ ढहा, महायुति ने मुंबई में 3 दशक का दबदबा खत्म किया
- •महायुति गठबंधन (भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना) ने मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में निर्णायक बहुमत हासिल किया, 114 सीटों के जादुई आंकड़े को पार किया.
- •इस जीत ने बीएमसी पर ठाकरे परिवार के 30 साल के नियंत्रण को समाप्त कर दिया है, जिसमें भाजपा मुंबई में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.
- •उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की मनसे का गठबंधन लगभग 60 सीटों तक सीमित रहा, क्योंकि 'मराठी मानुस' कार्ड मतदाताओं को प्रभावित नहीं कर सका.
- •मतदाताओं ने पहचान की राजनीति के बजाय विकास, बुनियादी ढांचे और भ्रष्टाचार व सड़कों की खराब स्थिति जैसे स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी, जिसका श्रेय देवेंद्र फडणवीस की रणनीति को जाता है.
- •महायुति की सफलता पूरे महाराष्ट्र में फैली है, राज्य के कुल 29 नगर निगमों में से 23 में आगे है, जो राज्य की राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव का संकेत है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: महायुति की बीएमसी जीत मुंबई में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव है, जिसने विकास के जनादेश पर ठाकरे के शासन को समाप्त किया.
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