डायवर्सिफिकेशन जरूरी है, क्योंकि इससे यह सुनिश्चित होता है कि पोर्टफोलियो का प्रदर्शन किसी एक स्टॉक पर निर्भर नहीं होगा।
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Moneycontrol18-02-2026, 12:13

मल्टीबैगर के भरोसे नहीं, अनुशासन और जोखिम प्रबंधन से मिलेगा दमदार रिटर्न.

  • एक्सिस एएमसी के सीआईओ आशीष गुप्ता ने कहा कि लॉन्ग टर्म में दमदार रिटर्न के लिए मल्टीबैगर के भरोसे नहीं, बल्कि अनुशासन, जोखिम प्रबंधन और निवेश की अवधि पर निर्भर रहना चाहिए.
  • उन्होंने जोर दिया कि बाजार में कब प्रवेश करते हैं, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि आप बाजार में कितना समय बिताते हैं, और फंड मैनेजरों को निवेशकों को लंबे समय तक निवेश बनाए रखने में मदद करनी चाहिए.
  • पोर्टफोलियो बनाने का मतलब सिर्फ स्टॉक खोजना नहीं है, बल्कि अनुशासन बनाए रखना और विविधीकरण करना है ताकि विभिन्न बाजार चक्रों में प्रदर्शन किया जा सके और किसी एक स्टॉक पर निर्भरता न हो.
  • गुप्ता ने बताया कि अल्फा की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन पोर्टफोलियो को गिरावट और कंपनी, प्रबंधन या बाहरी बदलावों जैसी विभिन्न अनिश्चितताओं से बचाना महत्वपूर्ण है.
  • उन्होंने सलाह दी कि किसी एक स्टॉक में हिस्सेदारी 2-4% से शुरू होकर अधिकतम 10% तक होनी चाहिए, क्योंकि लंबे समय में कई स्टॉक मिलकर पोर्टफोलियो के बेहतर प्रदर्शन में योगदान करते हैं.

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