रुपया धड़ाम: अमेरिकी टैरिफ और कमजोर FPI के बीच एशिया की सबसे खराब करेंसी क्यों बना भारत का रुपया.

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Moneycontrol•22-12-2025, 14:49
रुपया धड़ाम: अमेरिकी टैरिफ और कमजोर FPI के बीच एशिया की सबसे खराब करेंसी क्यों बना भारत का रुपया.
- •अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारतीय रुपया एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन वाली करेंसी बन गया है, इस साल 3.35% गिर गया है.
- •अमेरिका ने भारत और चीन दोनों पर टैरिफ लगाए, लेकिन चीन का युआन पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के हस्तक्षेप से स्थिर रहा, जबकि रुपया कमजोर हुआ.
- •कमजोर पूंजी प्रवाह और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) में भारी गिरावट (पिछले साल के $7.7 बिलियन से $0.4 बिलियन तक) रुपये पर दबाव के प्रमुख घरेलू कारण हैं.
- •रुपये के 91 के स्तर को पार करने के बाद RBI को हस्तक्षेप करना पड़ा, लेकिन वैश्विक चुनौतियां और घरेलू असंतुलन बने हुए हैं, जिससे निवेश पर घटते रिटर्न और धीमी नॉमिनल GDP वृद्धि प्रभावित हो रही है.
- •अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में देरी, जो भारत के निर्यात का 20% है, निवेशकों की भावना को प्रभावित कर रही है, जबकि इंडोनेशिया ने समझौता कर लिया है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: अमेरिकी टैरिफ, कमजोर FPI और व्यापार समझौते में देरी रुपये को एशिया की सबसे खराब करेंसी बना रहे हैं.
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