भारत में कॉपर का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जिसकी वजह तेज़ शहरीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और ग्रीन एनर्जी ट्रांज़िशन है।
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Moneycontrol07-02-2026, 08:53

भारत में कॉपर की मांग अगले 2 सालों में 10-12% बढ़ेगी: ICRA

  • ICRA का अनुमान है कि अगले दो सालों में भारत की घरेलू कॉपर खपत सालाना 10-12% बढ़ सकती है.
  • यह वृद्धि FY26 के पहले सात महीनों में देखी गई 14-15% की तुलना में धीमी होगी, क्योंकि उच्च धातु कीमतें अल्पकालिक मांग को प्रभावित कर रही हैं.
  • शहरीकरण, बुनियादी ढांचे के विकास और हरित ऊर्जा संक्रमण जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, पावर ग्रिड, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहनों से मध्यम अवधि में मांग बढ़ने की उम्मीद है.
  • घरेलू रिफाइंड कॉपर की कमी क्षमता वृद्धि के साथ धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है.
  • वैश्विक कॉपर की कीमतें जनवरी 2026 तक लगभग 13,000 अमेरिकी डॉलर प्रति टन तक पहुंच गईं, जो वित्तीय वर्ष की शुरुआत से लगभग 40% की वृद्धि है, जिसका कारण आपूर्ति में बाधाएं और इन्वेंट्री असंतुलन है.

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