नवाब कैफे रिव्यू: शिवा कंडुकुरी की इमोशनल ड्रामा, पिता-पुत्र की विरासत की कहानी.
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News1820-02-2026, 15:35

नवाब कैफे रिव्यू: शिवा कंडुकुरी की इमोशनल ड्रामा, पिता-पुत्र की विरासत की कहानी.

  • शिवा कंडुकुरी अभिनीत 'नवाब कैफे' एक भावनात्मक ड्रामा है, जिसका प्रारंभिक शीर्षक 'चायवाला' था.
  • कहानी राजा (शिवा कंडुकुरी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो हैदराबाद के पुराने शहर में अपने पिता के ऐतिहासिक 'नवाब कैफे' की जिम्मेदारी अनिच्छा से संभालता है.
  • निर्देशक प्रमोद हर्षा ने एक पुरानी कहानी को अच्छी तरह से प्रस्तुत किया है, खासकर पिता-पुत्र के भावनात्मक दृश्यों को उजागर किया है.
  • राजीव कनकलता ने पिता की भूमिका में शानदार प्रदर्शन किया है, जो अपनी विरासत के प्रति प्रेम को दर्शाता है.
  • धीमी शुरुआत और संपादन की खामियों के बावजूद, यह फिल्म पिता-पुत्र के भावनात्मक आख्यानों का आनंद लेने वाले दर्शकों को पसंद आएगी.

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