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News1804-02-2026, 09:43

एयर इंडिया-इंडिगो टक्कर: टैक्सीइंग नियम और हवाई अड्डे की सुरक्षा पर सवाल

  • मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टैक्सीइंग के दौरान एयर इंडिया और इंडिगो के विमान टकरा गए, जिससे जमीनी सुरक्षा पर चिंताएं बढ़ीं.
  • जमीनी आवाजाही एक महत्वपूर्ण, अत्यधिक समन्वित चरण है जिसमें पायलट, एटीसी, ग्राउंड कंट्रोल, एओसीसी और ग्राउंड स्टाफ शामिल होते हैं ताकि विमान की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके.
  • टैक्सीइंग के दौरान, विमान अपनी शक्ति से 10-40 किमी/घंटा की गति से चलते हैं, जिसमें हर कदम एटीसी/एओसीसी निर्देशों द्वारा निर्धारित होता है, न कि पायलट के विवेक से.
  • टैक्सीवे पर विमानों के बीच की दूरी आकार, विंगस्पैन, टैक्सीवे की चौड़ाई और आईसीएओ मानकों पर निर्भर करती है, जिसमें न्यूनतम 7.5 मीटर की साइड क्लीयरेंस डिज़ाइन की जाती है.
  • विंगटिप टक्करें सेंटरलाइन से विचलन, गलत अनुमान, कम दृश्यता या मोड़ों के दौरान विंग स्विंग प्रभाव के कारण होती हैं, क्योंकि पायलट सीधे विंगटिप नहीं देख सकते.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: विमानों की जमीनी आवाजाही उड़ान जितनी ही महत्वपूर्ण है, टक्करों को रोकने के लिए नियमों और समन्वय का कड़ाई से पालन आवश्यक है.

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