बांग्लादेश में गहराया संकट: यूनुस के राज में भारत-विरोधी भावना, अल्पसंख्यकों पर हिंसा.

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News18•27-12-2025, 08:32
बांग्लादेश में गहराया संकट: यूनुस के राज में भारत-विरोधी भावना, अल्पसंख्यकों पर हिंसा.
- •शेख हसीना सरकार के पतन के बाद मुहम्मद यूनुस के अंतरिम शासन में बांग्लादेश में कट्टरपंथ, भारत-विरोधी भावना और आर्थिक संकट बढ़ा है.
- •अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा बढ़ी है, जिसमें अमृत मंडल और दीपू चंद्र दास जैसे हिंदू युवाओं की हालिया लिंचिंग ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
- •पाकिस्तान की ISI और चीन ढाका में अपना प्रभाव बढ़ा रहे हैं, यूनुस को भारत-विरोधी एजेंडे के लिए मोहरा बना रहे हैं, जबकि बांग्लादेश आर्थिक रूप से भारत पर निर्भर है.
- •जुलाई-अगस्त 2024 की घटनाओं में व्यापक कोटा विरोध, हिंसक झड़पें, कई मौतें और अंततः पीएम शेख हसीना का इस्तीफा शामिल है.
- •विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश भारत के बिना जीवित नहीं रह सकता, फिर भी चरमपंथी ताकतें हावी हो रही हैं, जिससे द्विपक्षीय संबंध और आंतरिक स्थिरता खतरे में है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश अस्थिरता, भारत-विरोधी भावना और अल्पसंख्यक हिंसा की ओर बढ़ रहा है, जिससे देश का भविष्य खतरे में है.
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