डॉ. राम मनोहर लोहिया: मार्क्स को नकारा, सत्ता से सवाल किए, मंडल कमीशन की नींव रखी.
डॉ. राम मनोहर लोहिया: मार्क्स को नकारा, सत्ता से सवाल किए, मंडल कमीशन की नींव रखी.
- •अकबरपुर, उत्तर प्रदेश में जन्मे डॉ. राम मनोहर लोहिया का बचपन जातिवाद और अस्पृश्यता के खिलाफ सामाजिक चेतना का आधार बना.
- •पश्चिमी विचारधाराओं को खारिज कर 'स्वदेशी समाजवाद' विकसित किया, तर्क दिया कि भारत में 'जाति' वर्ग तय करती है, न कि केवल पैसा.
- •भारत की सीमाओं से परे स्वतंत्रता के लिए लड़े, गोवा में पुर्तगाली शासन के खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया और नेपाली राष्ट्रवादियों का समर्थन किया.
- •स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस को 'कुलीन' पार्टी के रूप में चुनौती दी, 'गैर-कांग्रेसवाद' की वकालत की और अपनी "3 आने बनाम 15 आने" भाषण से प्रति व्यक्ति आय पर बहस की.
- •न्याय के लिए 'सप्त क्रांति' के प्रणेता, सत्ता के विकेंद्रीकरण के लिए 'चौखंभा राज' की कल्पना की, और मंडल कमीशन के लिए वैचारिक आधार तैयार किया.