गुजरात का यह शिक्षण केंद्र बना प्रेरणा, बायोगैस से प्रतिदिन 500 लोगों का भोजन, एलपीजी पर निर्भरता समाप्त.
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गुजरात का शिक्षा केंद्र बना मिसाल: बायोगैस से 500 लोगों का भोजन, LPG पर निर्भरता खत्म.
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News18•29-03-2026, 11:26
गुजरात का शिक्षा केंद्र बना मिसाल: बायोगैस से 500 लोगों का भोजन, LPG पर निर्भरता खत्म.
•गांधीनगर में श्रीमती मनेकबा विनय विहार एजुकेशनल कॉम्प्लेक्स में दो बायोगैस प्लांट से रोजाना 500 से अधिक लोगों का भोजन बनता है, जिससे LPG का उपयोग समाप्त हो गया है.
•दो 45 क्यूबिक मीटर के बायोगैस प्लांट प्रतिदिन 90 क्यूबिक मीटर गैस प्रदान करते हैं, जिससे मासिक 30 LPG सिलेंडरों की बचत होती है और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होती है.
•संस्थान अपनी 220 गायों के गोबर और रसोई के कचरे का उपयोग बायोगैस उत्पादन के लिए करता है; बायोगैस के बाद बची हुई स्लरी का उपयोग जैविक खेती के लिए किया जाता है.
•गुजरात सरकार की GEDA योजना संस्थागत बायोगैस प्लांट के लिए 75% तक सब्सिडी प्रदान करती है, जो स्वच्छ ऊर्जा और अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देती है.
•पिछले 5 वर्षों में गुजरात में 193 संस्थागत बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए हैं, और 2026-27 में 60 नए प्लांट के लिए 12 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.