गौतम गोस्वामी: एक IAS अधिकारी की असाधारण कहानी, शोहरत से विवाद और दुखद अंत तक

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News18•01-02-2026, 12:29
गौतम गोस्वामी: एक IAS अधिकारी की असाधारण कहानी, शोहरत से विवाद और दुखद अंत तक
- •1991 बैच के बिहार कैडर के IAS अधिकारी गौतम गोस्वामी को 2004 में पटना में बाढ़ राहत कार्यों के लिए टाइम मैगज़ीन ने 'एशियन हीरो' का खिताब दिया था.
- •उन्होंने तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी के भाषण को चुनाव आयोग की समय सीमा समाप्त होने पर रोकने का साहस दिखाया था, जिससे उन्हें राष्ट्रीय पहचान मिली.
- •गोस्वामी का करियर तब दुखद मोड़ पर आ गया जब 2005 में उन्हें 18.5 करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले में फंसाया गया, जिसके कारण उन्हें निलंबित कर जेल जाना पड़ा.
- •बेउर जेल में रहने के दौरान उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हुईं, जिनमें लीवर और अग्न्याशय संबंधी बीमारियाँ शामिल थीं, जो अंततः अग्नाशय के कैंसर में बदल गईं.
- •43 साल की उम्र में 2009 में उनका निधन हो गया, उनकी कहानी भारतीय नौकरशाही में शक्ति, राजनीति और व्यक्तिगत भाग्य के जटिल अंतर्संबंध को दर्शाती है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: IAS अधिकारी गौतम गोस्वामी की कहानी, जो शोहरत से विवादों और दुखद अंत तक पहुँचे.
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