शक्सगाम घाटी पर भारत का कड़ा रुख: 1963 का पाक-चीन समझौता अवैध

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News18•13-01-2026, 13:51
शक्सगाम घाटी पर भारत का कड़ा रुख: 1963 का पाक-चीन समझौता अवैध
- •सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शक्सगाम घाटी पर 1963 के पाकिस्तान-चीन सीमा समझौते को अवैध और अमान्य बताया.
- •भारत शक्सगाम घाटी में किसी भी गतिविधि, जिसमें चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) भी शामिल है, को मान्यता नहीं देता है.
- •चीन ने शक्सगाम घाटी पर अपने क्षेत्रीय दावों की पुष्टि की और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का बचाव किया, जिस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.
- •विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि जम्मू और कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र शासित प्रदेश, जिसमें शक्सगाम घाटी भी शामिल है, भारत का अभिन्न अंग है.
- •विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान-चीन गठबंधन से 'दोहरे मोर्चे के खतरे' पर प्रकाश डाला, जिसमें 1963 के शक्सगाम घाटी के हस्तांतरण जैसी ऐतिहासिक घटनाओं का हवाला दिया गया.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत शक्सगाम घाटी में चीन के दावों और गतिविधियों को दृढ़ता से खारिज करता है, क्षेत्र पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है.
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