भारत-रूस का 'उड़ता किला': नया विमान समुद्र पर करेगा राज, आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा.

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News18•01-01-2026, 03:41
भारत-रूस का 'उड़ता किला': नया विमान समुद्र पर करेगा राज, आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा.
- •भारत और रूस संयुक्त रूप से IL-114-300 मल्टी-रोल विमान विकसित कर रहे हैं, जो निगरानी और मारक क्षमता बढ़ाएगा, खासकर समुद्री गश्त और पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए.
- •HAL और UAC के बीच MoU के साथ यह परियोजना भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के अनुरूप महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और 40-50% स्वदेशीकरण का लक्ष्य रखती है.
- •टर्बोप्रॉप IL-114-300, सोवियत-युग के IL-114 का उन्नत संस्करण है, जिसमें आधुनिक एवियोनिक्स, ईंधन दक्षता और छोटे रनवे पर उतरने की क्षमता है, जो विभिन्न भारतीय भूभागों के लिए उपयुक्त है.
- •इसका समुद्री गश्ती संस्करण उन्नत सेंसर और पनडुब्बी रोधी हथियारों से लैस होगा, जो P-8I जैसे महंगे जेट के लिए लागत प्रभावी सहायता मंच के रूप में कार्य करेगा.
- •यह रणनीतिक साझेदारी रोजगार सृजित करने, विमानन R&D को बढ़ावा देने और UDAN योजना के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार करने की उम्मीद है, जिसका पहला भारतीय निर्मित विमान 2028 तक उड़ान भरने का लक्ष्य है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत-रूस का संयुक्त 'उड़ता किला' परियोजना रक्षा, आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी.
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