भारतीय वैज्ञानिक वीरभद्रन रामनाथन को जलवायु अनुसंधान के लिए 'भूविज्ञान नोबेल' पुरस्कार

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News18•02-02-2026, 16:19
भारतीय वैज्ञानिक वीरभद्रन रामनाथन को जलवायु अनुसंधान के लिए 'भूविज्ञान नोबेल' पुरस्कार
- •भारतीय मूल के जलवायु वैज्ञानिक वीरभद्रन रामनाथन को 2026 का क्रैफूर्ड पुरस्कार (भूविज्ञान) मिला है, जिसे 'पृथ्वी विज्ञान का नोबेल' कहा जाता है.
- •1975 में NASA में उनके शोध से पता चला कि क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs), जो एयरोसोल और रेफ्रिजरेटर में उपयोग होते हैं, CO2 से 10,000 गुना अधिक प्रभावी ग्रीनहाउस गैसें हैं.
- •रामनाथन का सफर सिकंदराबाद की एक फ्रिज फैक्ट्री में इंजीनियर के रूप में शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने पहली बार CFCs का सामना किया, फिर अन्नामलाई विश्वविद्यालय और IISc से उच्च शिक्षा प्राप्त की.
- •उनके काम में इंडियन ओशन एक्सपेरिमेंट (INDOEX) शामिल है, जिसने दक्षिण एशिया पर 'एटमॉस्फेरिक ब्राउन क्लाउड्स' की पहचान की और वायु प्रदूषण को भारतीय मानसून कमजोर होने और हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने से जोड़ा.
- •इस पुरस्कार में 8 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग 7.5 करोड़ भारतीय रुपये) और एक स्वर्ण पदक शामिल है, जो मई 2026 में प्रदान किया जाएगा.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारतीय मूल के वैज्ञानिक वीरभद्रन रामनाथन को उनके महत्वपूर्ण जलवायु परिवर्तन शोध के लिए 'भूविज्ञान नोबेल' मिला.
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