
विकास ने प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल, सड़कें और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं लाकर नक्सलवाद को कमजोर किया है, जिससे आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली खेती और रोजगार में लगे हैं।
कश्मीर में सुरक्षा बल ड्रोन-आधारित नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी से नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। गांदरबल घटना से उजागर हुई फर्जी मुठभेड़ों को लेकर भी चिंताएं हैं।