इतिहास में पहली बार ओम बिरला अपनी ही कुर्सी के खिलाफ चर्चा सुनेंगे. जानें संविधान का नियम क्या कहता है.
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इतिहास में पहली बार: ओम बिरला अपनी कुर्सी हटाने पर बहस सुनेंगे, संविधान का नियम.
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News18•05-03-2026, 13:46
इतिहास में पहली बार: ओम बिरला अपनी कुर्सी हटाने पर बहस सुनेंगे, संविधान का नियम.
•लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अपनी कुर्सी से हटाने के प्रस्ताव पर बहस एक आम सांसद के रूप में सुनेंगे, जो संसदीय इतिहास में एक दुर्लभ घटना होगी.
•118 विपक्षी सांसदों ने अध्यक्ष पर पक्षपातपूर्ण रवैये का आरोप लगाते हुए प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिसमें राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेताओं को बोलने न देना और 8 सांसदों का निलंबन शामिल है.
•संविधान के अनुच्छेद 96 के अनुसार, अध्यक्ष अपने निष्कासन संबंधी कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते, लेकिन सदन में उपस्थित रह सकते हैं और अपना बचाव कर सकते हैं.
•ओम बिरला ट्रेजरी बेंच पर बैठेंगे और एक सामान्य सांसद की तरह बहस में भाग ले सकते हैं, लेकिन बराबरी की स्थिति में निर्णायक वोट नहीं डाल सकते.
•यह संभावित बहस भारतीय संसदीय परंपराओं और संवैधानिक जवाबदेही के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण होगा.