कुछ इस तरह हुआ था मोरारजी देसाई का प्‍लेन क्रैश.  (Photo_X_@IndiaHistorypic)
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News1828-01-2026, 21:20

मोरारजी देसाई का चमत्कारिक बचाव: विमान दुर्घटना में सिर्फ होंठ पर चोट, 49 साल पहले की कहानी

  • नवंबर 1977 में, प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई का वीवीआईपी विमान, पुष्पक (Tu-124), खराब मौसम और कम ईंधन के कारण जोरहाट, असम के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था.
  • विंग कमांडर क्लेरेंस डी'लिमा ने प्रधानमंत्री को बचाने के उद्देश्य से एक गीले धान के खेत में 'बेली लैंडिंग' का साहसिक निर्णय लिया.
  • कॉकपिट पर सबसे ज्यादा असर पड़ा, जिससे विंग कमांडर डी'लिमा सहित 5 चालक दल के सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई, जिन्होंने अपनी जान कुर्बान कर दी.
  • तब 81 वर्ष के मोरारजी देसाई इस गंभीर दुर्घटना में चमत्कारिक रूप से केवल होंठ पर मामूली चोट के साथ बच गए, जिसे भारतीय इतिहास में 'चमत्कारिक बचाव' माना जाता है.
  • यह घटना आधुनिक विमान दुर्घटनाओं के विपरीत याद की जाती है, जो पायलटों के बलिदान और देसाई के असाधारण बचाव को उजागर करती है.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: मोरारजी देसाई 1977 के विमान दुर्घटना में पायलटों के बलिदान से चमत्कारिक रूप से केवल होंठ पर चोट के साथ बच गए.

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