भारत ने ईरान के चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट के लिए कोई भी फंड नहीं दिया है. (फाइल फोटो)
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News1802-02-2026, 05:11

चाबहार पर PM मोदी का दांव: चेलानी ने बताया 'सामरिक विराम', अमेरिका के दबाव में फैसला

  • केंद्रीय बजट 2026 में ईरान के चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए कोई नया फंड आवंटित नहीं किया गया, जिससे राजनयिक चिंताएं बढ़ीं.
  • भू-रणनीतिकार ब्रह्मा चेलानी ने इसे 'सामरिक वापसी' नहीं, बल्कि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण 'सामरिक विराम' बताया है.
  • अमेरिका ने भारत को चाबहार में परिचालन बंद करने के लिए 26 अप्रैल की समय सीमा दी है, प्रतिबंधों की धमकी भी दी है.
  • चेलानी ने चेतावनी दी है कि भारत की वापसी से चीन को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह पर कब्जा करने का मौका मिल सकता है.
  • भारत ने पहले ही शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल के लिए 120 मिलियन डॉलर प्रदान किए थे, जिससे नए बजट आवंटन की तकनीकी रूप से आवश्यकता नहीं थी.

यह क्यों महत्वपूर्ण है?: भारत का चाबहार बंदरगाह फंडिंग रोकना अमेरिकी प्रतिबंधों और चीन के खतरे के कारण एक रणनीतिक 'सामरिक विराम' है.

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