राजनाथ सिंह: कमजोरों के प्रति व्यवहार से तय होती है गणराज्य की ताकत

देश
N
News18•26-01-2026, 07:25
राजनाथ सिंह: कमजोरों के प्रति व्यवहार से तय होती है गणराज्य की ताकत
- •रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 77वें गणतंत्र दिवस पर एक लेख लिखा, जिसमें भारतीय गणराज्य की नैतिक जिम्मेदारियों और सरकार की नीतियों पर प्रकाश डाला गया है.
- •उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक गणराज्य की सच्ची ताकत उसके सबसे कमजोर नागरिकों के प्रति व्यवहार से मापी जाती है, और मोदी सरकार ने इस मानदंड पर उल्लेखनीय प्रगति की है.
- •सिंह ने 1952 में डॉ. राजेंद्र प्रसाद के भाषण का स्मरण किया, जिसने स्वतंत्रता के बाद समृद्धि लाने और दुख दूर करने को वास्तविक चुनौती के रूप में गणराज्य का नैतिक उद्देश्य निर्धारित किया था.
- •उन्होंने 'योगक्षेम', 'सर्वोदय' और 'एकात्म मानववाद' को मानव-केंद्रित विकास के वैचारिक आधार के रूप में उद्धृत किया, जो 'सबका साथ, सबका विकास' में परिलक्षित होता है.
- •लेख में बताया गया है कि पिछले एक दशक में 17 करोड़ से अधिक लोगों को अत्यधिक गरीबी से बाहर निकाला गया है, और पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी योजनाओं ने सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है.
यह क्यों महत्वपूर्ण है?: राजनाथ सिंह का कहना है कि भारतीय गणराज्य की ताकत उसके सबसे कमजोर नागरिकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता में निहित है.
✦
More like this
Loading more articles...



